कुँए पे लुगाइयाँ धोरे एक प्रसिद्ध हरियाणवी रागनी है
कुँए पे लुगाइयाँ धोरे एक प्रसिद्ध हरियाणवी रागनी है, जिसे पंडित लक्मीचंद जी ने लिखा है। इस रागनी में, एक प्रेमी अपनी प्रेमिका को कुए पर मिलने का संदेश भेजता है, लेकिन उसका संदेश उसके पिता को मिल जाता है। पिता अपनी बेटी को सजा देने का फैसला करता है, और कुए में उसे फेंकने का आदेश देता है। प्रेमी कुए पर पहुंचता है, और प्रेमिका को कुए में से बाहर निकालता है।
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