कुँए पे लुगाइयाँ धोरे एक प्रसिद्ध हरियाणवी रागनी है

 कुँए पे लुगाइयाँ धोरे एक प्रसिद्ध हरियाणवी रागनी है, जिसे पंडित लक्मीचंद जी ने लिखा है। इस रागनी में, एक प्रेमी अपनी प्रेमिका को कुए पर मिलने का संदेश भेजता है, लेकिन उसका संदेश उसके पिता को मिल जाता है। पिता अपनी बेटी को सजा देने का फैसला करता है, और कुए में उसे फेंकने का आदेश देता है। प्रेमी कुए पर पहुंचता है, और प्रेमिका को कुए में से बाहर निकालता है।

इस रागनी को कई प्रतिभाशाली कलाकारों ने गाया है, जैसे राजेंदर खरकियाराजबाला बहादुरगढ़प्रीति चौधरी 123.

कुछ सम्बंधित समाचारों में, हरियाणा सरकार ने हाल ही में पंडित लक्मीचंद स्मृति पुरस्कार की स्थापना की है, जो हरियाणवी संस्कृति को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान करने वाले कलाकारों को सम्मानित करने के लिए होगा1.

मुझे उम्मीद है कि आपको मेरा प्रतिक्रिया पसंद आया हो, और मुझसे संलप्न करने के लिए मुझे सम्मानित महसूस होता है 😊.

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

इसके साथ ही, ISRO ने प्रज्ञान रोवर की पहली प्रतिक्रिया की पुष्टि की, जो 26 किलोग्राम का है,

Theory of Everything

Night and Day Treasur