रास्ते में आया बड़ा गड्ढा
रास्ते में आया बड़ा गड्ढा
मुसाफिरों को परेशान करता
कोई पार करता, कोई पीछे हटता
मुझे तो सिर्फ तुम्हारी याद सताती
रास्ते में आया बड़ा गड्ढा
मन में संकोच, पैरों में कम्पन
कैसे करूं मैं इसे पार
किसी सहारे की है ज़रूरत
तुम हो कहाँ?
रास्ते में आया बड़ा गड्ढा
मुस्कुराकर मैंने सामना किया
कुछ हिम्मत, कुछ मेहनत, कुछ प्रार्थना
मुझे पता है, मुसीबतों से हारना नहीं
तुमने सिखाया है
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