बारिश के बीच,
बारिश के बीच, इतनी ऊंची पहाड़ी पर,
जहां खुले आसमान के नीचे, हरी-भरी प्रकृति खिलती है,
वहाँ एक सुंदरता बहुत दुर्लभ है, यह आपकी सांसें चुरा लेती है,
और एक दिल को छू लेने वाली आवाज़, ऐसे शब्दों के साथ जिन्हें हम कहना चाहते हैं।
(सहगान)
यह भावनाओं का मिश्रण है, एक दिव्य अनुभूति,
पत्तों पर बारिश की बूँदें, हमारी आँखों में आँसू की तरह,
पहाड़ी को साक्षी मानकर हम अपना गीत इतना सच्चा गाते हैं,
इस सुंदरता की बाहों में, हमारे दिल अपना संकेत ढूंढते हैं।
(श्लोक 2)
बारिश, यह धीरे-धीरे नाचती है, यह पत्तों पर खेलती है,
जैसे ही हम इस पहाड़ी पर खड़े हैं, प्रकृति की भूलभुलैया में खोये हुए हैं,
हरियाली हमें घेर लेती है, एक आरामदायक आलिंगन की तरह,
जीवन की इस सिम्फनी में हम अपना विशेष स्थान पाते हैं।
(सहगान)
यह भावनाओं का मिश्रण है, एक दिव्य अनुभूति,
पत्तों पर बारिश की बूँदें, हमारी आँखों में आँसू की तरह,
पहाड़ी को साक्षी मानकर हम अपना गीत इतना सच्चा गाते हैं,
इस सुंदरता की बाहों में, हमारे दिल अपना संकेत ढूंढते हैं।
(पुल)
प्रत्येक शब्द के साथ हम गाते हैं, प्रत्येक स्वर के साथ जिसे हम बजाते हैं,
हम एक चित्र बना रहे हैं, इस क्षण में हम रहेंगे,
प्रेम के इस सामंजस्य में, जहाँ हमारी आत्माएँ एक हो जाती हैं,
भूरे आसमान के नीचे, सब कुछ कितना सही लगता है।
(सहगान)
यह भावनाओं का मिश्रण है, एक दिव्य अनुभूति,
पत्तों पर बारिश की बूँदें, हमारी आँखों में आँसू की तरह,
पहाड़ी को साक्षी मानकर हम अपना गीत इतना सच्चा गाते हैं,
इस सुंदरता की बाहों में, हमारे दिल अपना संकेत ढूंढते हैं।
(आउट्रो)
तो, बारिश होने दो, पहाड़ी को गाने दो,
इस हरी-भरी, खूबसूरत दुनिया में, हमारी आवाज़ें गूंजने दें,
भावनाओं के इस संयोजन में, हमने अपनी सबसे प्यारी कृपा पाई है,
प्रकृति के आश्चर्य के केंद्र में, इस जादुई जगह में
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