तुम लकड़ी चंदन की , मैं पत्थर दूध से धुला
तुम लकड़ी चंदन की हो, मैं पत्थर दूध से धुला हूँ।
यह वाक्यांश एक कविता का हिस्सा है, जिसमें प्रेमी अपने प्रेमिका को अपनी अनुपमता का सम्मान करता है।
वह कहता है कि वह लकड़ी चंदन की है, जो सुगंधित, मुलायम और मनोहर है।
वह मानता है कि वह पत्थर है, जो कठोर, कुरूप और साधारण है।
लेकिन वह कहता है कि वह पत्थर दूध से धुला हुआ है, जिसका मतलब है कि वह पावन, प्रेमपूर्ण और सत्यनिष्ठ है।
इस प्रकार, वह अपने प्रेमिका को समझाता है कि उनके बीच का अंतर मायने नहीं रखता, क्योंकि उनके मन में प्रेम ही प्रेम है।
“tu lakri chandan ki main pathar dudh se dhula”. Could you please provide more information about the song or the artist?
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