जीवन के तूफ़ानों और आँसुओं के बीच
जीवन के तूफ़ानों और आँसुओं के बीच,
एक आवाज़ बसी, दिल का धड़कन के पास। रोशनी की तलाश में, अँधेरों में खोया, सपनों के सिलसिले में, खुद को पाया।
(Chorus) मैं रोया हूँ, मैं जिया हूँ, दिल की गहराइयों से खुद को पहचाना हूँ। सच्चे एहसासों का मैं गीत गाऊँ, जीवन के सफर को, मैं खुद पे लुटाऊँ।
(Verse 2) सपनों की उड़ान, दिल की धड़कन, हर एक पल में बसी, नई ज़िंदगी की ख़ाक। रिश्तों के सिलसिले, दोस्तों के साथ, यह कहानी खुद में, मैं आज बुन रहा हूँ।
(Chorus) मैं रोया हूँ, मैं जिया हूँ, दिल की गहराइयों से खुद को पहचाना हूँ। सच्चे एहसासों का मैं गीत गाऊँ, जीवन के सफर को, मैं खुद पे लुटाऊँ।
(Bridge) छुपी बातों को, दिल के दरिया में, मैं आज बोल देता हूँ, खुद से खुल के। जीवन की मिठास, और कड़वाहटों का सफर, हर रोज़ नई रोशनी, खुद को सजाता हूँ।
(Chorus) मैं रोया हूँ, मैं जिया हूँ, दिल की गहराइयों से खुद को पहचाना हूँ। सच्चे एहसासों का मैं गीत गाऊँ, जीवन के सफर को, मैं खुद पे लुटाऊँ।
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