मैं स्वर्ग का पत्थर हूं,
मैं स्वर्ग का पत्थर हूं,
आसमान को छू लूं, ज़िन्दगी की राहों में, हर बदलाव को पहचानूं।
मेरी ताक़त है सपनों की, उड़ान भरने की आस, जब सब हार मानते हैं, मैं बढ़ता हूं और आगे बढ़ता जाता हूं।
जीवन की मुश्किलों में, मैं एक राह दिखलाता हूं, हर चुनौती को स्वीकार कर, मैं आगे बढ़ता हूं और बढ़ता जाता हूं।
स्वर्ग का पत्थर हूं, आसमान को छू लूं, ज़िन्दगी की राहों में, हर बदलाव को पहचानूं।
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