सजीव भारतीय संगीत
भारत राष्ट्र का सजीव चित्रण
(Verse 1) सूरज की किरणों में, रंगी है धरा, भारत माँ की मुस्कान, अमृत से भी प्यारा। इतिहास की पुस्तक, भूमि की कहानी, हर दिल में बसी, एक अद्भुत कहानी।
(Chorus) भारत राष्ट्र, गर्व से भरा, विभिन्नता में, है एकता का सारा। सागर से ऊँचा, हिमालय का श्रृंगार, यहाँ की धरा, है भगवा रंग का प्यार।
(Verse 2) गंगा की धारा, सिर्फ पानी नहीं, संस्कृति की बहुता, यहाँ बसी रही। रंग-बिरंगे फूलों सी, बिखरी हर बात, हर कोने में बसा है, राष्ट्रभक्ति का आबाद।
(Chorus) भारत राष्ट्र, गर्व से भरा, विभिन्नता में, है एकता का सारा। सागर से ऊँचा, हिमालय का श्रृंगार, यहाँ की धरा, है भगवा रंग का प्यार।
(Bridge) वीर शिवाजी की शूरता, गांधीजी की आंदोलन, हर कदम पर बसी, स्वतंत्रता की कहानी। सबको जोड़ने की शक्ति, अखंड भारत की राह, हम सब मिलकर, बनाएंगे सुनहरा कल।
(Chorus) भारत राष्ट्र, गर्व से भरा, विभिन्नता में, है एकता का सारा। सागर से ऊँचा, हिमालय का श्रृंगार, यहाँ की धरा, है भगवा रंग का प्यार।
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