योग का इतिहास अत्यंत प्राचीन है और इसकी उत्पत्ति हजारों वर्
योग का इतिहास अत्यंत प्राचीन है और इसकी उत्पत्ति हजारों वर्ष पहले हुई थी। योग विद्या में शिव को “आदि योगी” तथा “आदि गुरू” माना जाता है। भगवान शंकर के बाद वैदिक ऋषि-मुनियों से ही योग का प्रारम्भ माना जाता है। बाद में कृष्ण, महावीर और बुद्ध ने इसे अपनी तरह से विस्तार दिया। इसके पश्चात पतञ्जलि ने इसे सुव्यवस्थित रूप दिया। इस रूप को ही आगे चलकर सिद्धपंथ, शैवपंथ, नाथपंथ, वैष्णव और शाक्त पंथियों ने अपने-अपने तरीके से विस्तार दिया। 123
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