मैं पत्थर सदियों पुराना पुतला तू चाँद की धूल का
रातें बीती, लम्बी सी रातें
तू सवेरा, मेरे सपनों की बातें
ज़मीनों से ऊँचा, मैं सारा तारा तू रौशनी, मेरी मुस्कान का सहारा
छूना चाहूँ मैं, तेरे सपनों को बाँध लूँ मैं, ये सारी राहों को
पुराने सफरों की, बुनता हूँ मैं कहानी तू रौशनी, मेरी ज़िन्दगी की कहानी
मैं पत्थर सदियों पुराना, पुतला तू चाँद की धूल का इस मोहब्बत में, है बसा हर ख्वाब ज़िन्दगी का
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