भारतीय संस्कृति गीत
धन्य है उनके माता-पिता, संस्कार से सजे,
बच्चों को दिए इतने, प्यार के साथ लाए। भारत विश्व गुरु, उनके आशीर्वाद से, हर दिल में बसी, खुशियों की बहार है।
संस्कारित बच्चों से, भारत रूपी शान है, जहाँ शिक्षा का आदान-प्रदान, जीवन की मैंने कहानी है। धन्यवाद है माता-पिता, जिनसे मिली यह सीख, भविष्य रौंगते खड़ी करेगा, आगे बढ़ेगा यह देश।
आदर्शों की शिक्षा, जीवन को सजाए, सही मार्गदर्शन में, हर कदम पे जोड़े। अच्छे संस्कारों से, हर बच्चा बनेगा ताक़तवर, इस भूमि पे होगा, सच्चा समर्थन यहाँ।
संस्कारित बच्चों से, भारत रूपी शान है, जहाँ शिक्षा का आदान-प्रदान, जीवन की मैंने कहानी है। धन्यवाद है माता-पिता, जिनसे मिली यह सीख, भविष्य रौंगते खड़ी करेगा, आगे बढ़ेगा यह देश।
संस्कृति का मेल, भूमि पर बसी है यह, एक दूसरे को समझने में, छुपा है यही राज। मिलकर बनेगा, एक नया इतिहास, भारत विश्व गुरु, सबको सिखाए यहाँ।
संस्कारित बच्चों से, भारत रूपी शान है, जहाँ शिक्षा का आदान-प्रदान, जीवन की मैंने कहानी है। धन्यवाद है माता-पिता, जिनसे मिली यह सीख, भविष्य रौंगते खड़ी करेगा, आगे बढ़ेगा यह देश।
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