रात की गहराई में, तुम मेरे चमकते सितारे हो
(छंद 1)
रात की गहराई में, तुम मेरे चमकते सितारे हो,
निकट और दूर की परछाइयों में मेरा मार्गदर्शन करना।
हर धड़कन के साथ, तुम मेरे दिल की लय हो,
लेकिन हमारे प्यार की कहानी शुरू से ही बर्बाद लगती है।
(सहगान)
तुम मेरा प्यार हो, तुम मेरा प्यार हो,
मेरी प्रेम कहानी का नायक ऊपर से बताया गया है।
फिर भी नियति क्रूर है, ऐसा लगता है,
हमारे प्यार की यात्रा वहीं समाप्त होती है जहां उसे होना चाहिए था।
(श्लोक 2)
हाथ में हाथ डाले हम अँधेरे में सपनों का पीछा करते हैं,
लेकिन किस्मत की फुसफुसाहट हर चिंगारी को बुझा देती है।
प्यार की टेपेस्ट्री में, हमारा धागा पूर्ववत है,
हमें खोया हुआ छोड़कर, दो आत्माएँ भाग रही हैं।
(सहगान)
तुम मेरा प्यार हो, तुम मेरा प्यार हो,
मेरे आकाश में प्रकाशस्तंभ, ऊपर चमक रहा है।
फिर भी नियति का हाथ, कठोर धुन बजाता है,
हमें उसी चाँद के नीचे फँसा छोड़ कर।
(पुल)
लेकिन फिर भी, मैं हमारे द्वारा साझा की गई प्रत्येक स्मृति को संजो कर रखूंगा,
हमारी हंसी की गूंज में, हमारी प्रार्थना की फुसफुसाहट में।
भले ही नियति हमारे प्रेम की अंतिम पंक्ति लिखती हो,
तुम्हारी बाहों में, मैंने अपना ब्रह्मांड पाया है।
(सहगान)
तुम मेरा प्यार हो, तुम मेरा प्यार हो,
मेरी कहानी की आधारशिला, ऊपर से भेजी गई।
हालाँकि नियति की कलम हमारी कहानी का अंत लिख सकती है,
तुम्हारे प्रेम में, मुझे मेरा शाश्वत मित्र मिल गया है।
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