भांग रचानी होगी
हाथा म तेर महंदी रच ना
तन भांग रचानी होगी
आख्या म तेर स्याहि घल ना
तन राख रमाणी
रोटी खाणी तन मौत होजया गी
तन मांग क लयाणी होगी
किसे राजे के छोरे गलया
शादी करले गोरी, मैं अविनाशी नाथ कैलाशी, क्यू सहम बावली होरी
किसे राजे के छोरे गलया
शादी करले गोरी
काले काले केस नही
र तन लटा बणाणी होगी
महला की तु राणी स, फेर माणस खाणी होगी
भजन कर तु, ध्यान लगा क
एक नई कहाणी होगी
दुनिया ताने मार गी
तु पेट पुजारण होगी
किसे राजे के छोरे गलया
शादी करले गोरी
मैं अविनाशी नाथ कैलाशी, क्यू सहम बावली होरी
किसे राजे के छोरे गलया
पहाड़ा के मह गोरी र तेरा होव नही गुजारा
भीरड़ तत्ईए बिच्छु दिखं लाग ना कोए प्यारा
भांग धतूरा पिंव शाधु तन चिलम चसाणी होगी
किसे राजे के छोरे गलया
शादी करले गोरी
मैं अविनाशी नाथ कैलाशी, क्यू सहम बावली होरी
किसे राजे के छोरे गलया
शिखर दोपहरी फिर भटकती
तेरी रे रे माटी होजया गी
मांगे त तन भीख मिल ना
तेरी तबीयत खाटी होजया गी
मुश्कल काली
गोरी र तन रात जगणी
हरियाणे म आक न
तु थोड़ी राजी होज्या गी
किसे राजे के छोरे गलया
जब तेरी हांजी होज्या गी
बागी गलया रह कन
एर तु भी बागी होज्या गी
Safido वाले की गलया जब तेरी ना जी होज्या गी
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