मुरली वाले यार
देता फिर उपदेश तु छलिये नाम मेरा क्यूं लेव ना
तेरी भावज के हाथां मै ये कांच के गहने टूट ना जा
देता फिर उपदेश तु छलिये नाम मेरा क्यूं लेव ना
मुरली वाले यार मेरे क्यू मुड़क
र एक बार ना देखया
तेरे घर के बाहरण पड़आ
रहया क्यूं लीकड़क र तनअ बाहर ना देखया
मुरली वाले यार मेरे क्यू मुड़क
र एक बार ना देखया
भुखे र तेरे
4 भतीजे
पत्थर तोड़ते हांड सं
बणती ना तस्वीर तेरी र माथा फोड़ते हांड सं
मुरली वाले यार मेरे क्यू मुड़क
र एक बार ना देखया
तेरे घर के बाहरण पड़आ
रहया क्यूं लीकड़क
र तनअ बाहर ना देखया
मुरली वाले यार मेरे क्यू मुड़क
र एक बार ना देखया
तेरे घर के बाहरण पड़आ
रहया क्यूं लीकड़क र
तनअ बाहर ना देखया
एक मुठ्ठी चावल र मेरी तेरे दरबारं मै खोस लेई
नाम तेरा लिख राख्या था र
चमड़ी मेरी नोच लेई
तेरे घर के बाहरण पड़आ
रहया क्यूं लीकड़क
र तनअ बाहर ना देखया
मुरली वाले यार मेरे क्यू मुड़क
र एक बार ना देखया
मुरली वाले यार मेरे
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